कोंडागांव की पुष्पपाल वैली बनेगी नया पर्यटन हब, मंत्री केदार कश्यप का दौरा
कभी नक्सल दहशत के साये में रहने वाले बस्तर के जंगलों की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में अब गोलियों की गूंज नहीं, बल्कि पर्यटकों की भीड़ दिखेगी। दरअसल, ग्राम पुष्पपाल की खूबसूरत वादियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन केंद्र बनाने की कवायद शुरू हो गई है।
पुष्पपाल वैली की खूबसूरती ने मोहा मन
बता दें कि ग्राम पुष्पपाल में वन विभाग ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया है। पहाड़ों के बीच कल-कल बहती नदी और चारों ओर फैली घने जंगलों की हरियाली इस जगह को कश्मीर जैसी वादियों का अहसास कराती है। गौरतलब है कि पुष्पपाल वैली के शांत वातावरण और प्राकृतिक संपदा को सहेजने के लिए विभाग अब बुनियादी सुविधाओं पर काम कर रहा है।

वन मंत्री केदार कश्यप ने ग्राउंड पर उतरकर लिया जायजा
इस बीच, प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप खुद पुष्पपाल पहुंचे और उन्होंने नादिया पठार से लेकर पुष्पपाल वैली की पहाड़ियों का बारीकी से निरीक्षण किया। ग्राउंड सूत्रों के अनुसार, मंत्री कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस क्षेत्र को पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से लाया जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि अब नक्सलवाद का प्रभाव कम हो रहा है, ऐसे में हमारी प्राथमिकता इन इलाकों में विकास और रोजगार पहुंचाना है।”
इको-टूरिज्म से बदलेगी स्थानीय लोगों की किस्मत
मिली जानकारी के अनुसार, सरकार की योजना यहां इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की है। इससे न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि देश भर के सैलानी यहां खिंचे चले आएंगे। पुष्पपाल वैली में होम-स्टे और एडवेंचर स्पोर्ट्स की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। स्थानीय आदिवासियों को टूर गाइड और अन्य स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। साथ ही नादिया पठार पर व्यू पॉइंट और ट्रैकिंग रूट विकसित किए जाएंगे।
जिला प्रशासन और वन विभाग की टीम पुष्पपाल में आधारभूत ढांचे (Roads and Electricity) को मजबूत करने में जुटी हुई है। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में पुष्पपाल छत्तीसगढ़ के सबसे आकर्षक पिकनिक स्पॉट और हिल स्टेशन के रूप में उभरेगा।